Sanchi’s New Avatar: Blending Heritage with a Modern Market Focus
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| ..आप कितना जानते हैं साँची के बारे में -खेलें क्विज़ |
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According to the organisers, the play has already been performed 54 times in different states across India. The Sagar show will mark its 55th performance.
The organisers said the first performance was held as an experimental production in Nagpur on April 1, 2025. Since then, the play has continued to receive regular stagings.
After Sagar, the play will also be staged in Jabalpur and Satna. The performances are being organised with the support of the Directorate of Culture, Government of Madhya Pradesh.
Sanskar Bharati is the local partner for the Sagar event. The organisers appealed to residents to attend the performance with their families.
The organisers described the production as a unique recorded-play presentation. They said it offers a cinematic experience that keeps the audience engaged throughout its approximately two-hour and fifteen-minute duration.
The press conference was attended by office-bearers of Brahmanad Sanstha and Sanskar Bharati, along with other organisers, who shared details about the event and its preparations.
ब्रह्मनाद संस्था 24 जुलाई 2026 को सागर के पद्माकर सभागार में 'युगप्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार' नाटक का मंचन करेगी। इसकी जानकारी संस्था ने प्रेस वार्ता में दी।
संस्था के अनुसार यह नाटक अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 54 बार मंचित हो चुका है। सागर में इसकी 55वीं प्रस्तुति आयोजित होगी।
कार्यक्रम संयोजकों ने बताया कि नाटक का पहला मंचन 1 अप्रैल 2025 को नागपुर में प्रयोग के रूप में हुआ था। इसके बाद लगातार प्रस्तुतियां होती रहीं।
सागर के बाद नाटक का मंचन जबलपुर और सतना में भी किया जाएगा। यह श्रृंखला मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
सागर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कार भारती सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ी है। आयोजकों ने शहरवासियों से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
आयोजकों के अनुसार यह नाटक पूरी तरह रिकॉर्डेड प्रस्तुति पर आधारित है। इसका मंचन दर्शकों को फिल्म जैसा अनुभव देगा और पूरे समय बांधे रखेगा।
प्रेस वार्ता में ब्रह्मनाद संस्था और संस्कार भारती के पदाधिकारियों सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की तैयारियों और उद्देश्य की जानकारी साझा की।
Sagar Watch/ Bhopal/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई।
🔹 मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं कल्याणी विवाह योजना को 5 साल की मंजूरी
1,740 करोड़ रुपये की स्वीकृति के साथ योजना जारी रहेगी, जिससे गरीब, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को विवाह सहायता मिलेगी।
🔹 स्कूल अपग्रेडेशन अभियान को मिली हरी झंडी
75 माध्यमिक स्कूल हाई स्कूल और 100 हाई स्कूल हायर सेकेंडरी बनेंगे, शिक्षा पहुंच बढ़ाने पर सरकार का फोकस रहेगा।
🔹 किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा जारी
अल्पावधि फसल ऋण के लिए नई शर्तें मंजूर, समय पर भुगतान करने वाले किसानों को अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा।
🔹 शुजालपुर में नया शासकीय विधि महाविद्यालय खुलेगा
सत्र 2026-27 से लॉ कॉलेज शुरू होगा। 17 नए पद सृजित कर कानूनी शिक्षा को मजबूती दी जाएगी।
🔹 सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 3,580 करोड़ रुपये मंजूर
राशन परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु 2031 तक योजना के संचालन के लिए बड़ी राशि स्वीकृत हुई।
🔹 राज्य विकास के लिए कुल 5,960 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी
कैबिनेट ने शिक्षा, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
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Sagar Watch /भोपाल/ अब मछलियां सिर्फ पानी की रानी नहीं रहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की नई "इन्वेस्टमेंट क्वीन" बनकर उभर रही हैं। जिस मछली को अब तक केवल भोजन और रोजगार का साधन माना जाता था, वही अब प्रदेश में 9 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश का जरिया बनने जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की समीक्षा बैठक में सामने आया कि एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 ने निवेशकों को ऐसा आकर्षित किया है कि लाखों केज आधारित मत्स्य पालन परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार अब सिर्फ मछली उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहती। प्रदेश की झीलों और जलाशयों में मोती उत्पादन को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। यानी आने वाले समय में मध्यप्रदेश की नदियां और तालाब मछलियों के साथ मोती भी उगल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने लक्ष्य तय किया है कि अगले ढाई वर्षों में प्रदेश को मछली बीज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। हर जिले में हैचरी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। कोल्ड चेन, निर्यात नेटवर्क और जल पर्यटन के विस्तार के साथ मत्स्य क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक इंजन में बदलने की तैयारी है।
दिलचस्प तथ्य यह भी है कि मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड योजना में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि सिवनी जिला राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्देशीय मत्स्य पालन में नंबर-1 का खिताब हासिल कर चुका है। ऐसे में साफ है कि मध्यप्रदेश में अब मछलियां सिर्फ पानी में नहीं तैर रहीं, बल्कि अरबों रुपये के निवेश और विकास की नई लहर भी पैदा कर रही हैं।
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ओंकारेश्वर में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
देश में 7 करोड़, एमपी में सवा करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग
पीएम मोदी ने 2023 में शुरू किया था मिशन
मध्यप्रदेश ने मिशन में बनाया रिकॉर्ड
चार मोर्चों पर काम कर रही सरकार
वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन पर आधारित मिशन
रोगियों की देखभाल के लिए व्यापक व्यवस्था
जागरूकता और जेनेटिक काउंसलिंग पर जोर
2047 से पहले उन्मूलन का लक्ष्य
विश्व सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सिकल सेल स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा होना बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में 1.32 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है और सरकार सिकल सेल उन्मूलन के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।
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